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28 साल के इंतजार के बाद आये पेसा कानून, ग्राम सभा के पास कितने अधिकार, क्या है कानून में कमियां
झारखंड में पेसा लागू हो गया। पेसा कानून वर्ष 1996 में बना था, लेकिन झारखंड में इसके नियम 28 साल तक नहीं बनाए गए। बिना नियमों के कानून सिर्फ कागजों में था। लगातार जनहित याचिकाओं और सामाजिक संगठनों के दबाव के बाद झारखंड हाईकोर्ट ने सरकार को फटकार लगाई और तय समय में नियम लागू करने का आदेश दिया। सवाल है कि क्या इस 28 साल के इंतजार के बाद भी इसे सही तरीके से लागू किया जा सका ? सवाल क्या हैं पेसा कानून के लागू होने से क्या ग्रामसभा को वो सारे अधिकार मिले जिसकी मांग की जा रही थी। यह
Jan 43 min read


छिपादोहर के इन इलाकों में घूम रहें हैं हाथी, वन विभाग एक्टिव
संवाददाता राज्य में कई ऐसे इलाके हैं जहां हाथियों का आतंक है। लातेहार जिले के कई ऐसे इलाके हैं जहां हाथियों की वजह से ग्रामीणों में डर बना हुआ है। छिपादोहर वन क्षेत्र के गम्हरिया टोला में शनिवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक जंगली हाथी अपने शावक के साथ बस्ती में आ गया। हाथी को अचानक आबादी वाले क्षेत्र में देख ग्रामीणों में दहशत फैल गई और लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग तुरंत हरकत में आया। प्रभारी वनपाल नवीन कुमार एवं राम कश्यप के नेत
Jan 41 min read


प्रकृति की गोद में बना मड हाउस, सैलानियों को कर रहा है आकर्षित
लातेहार/ छिपादोहर से संतोष की रिपोर्ट मिट्टी का घऱ, चारो तरफ जंगल और शांति। अगर इस साल के अंतिम महीने में आप छुट्टियों के लिए किसी ऐसे जगह की तलाश में है तो लातेहार जिले के बेतला नेशनल पार्क के पास स्थित मड हाउस आपका इंतजार कर रहा है। शहरी भागदौड़ और शोरगुल से दूर अगर कोई जगह मन को गहराई से सुकून देती है, तो वह है जंगलों की शांति। लातेहार जिले के बेतला नेशनल पार्क के पास स्थित मड हाउस इसी शांति का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा है। चारों ओर हरियाली, ऊँचे-ऊँचे पेड़, पक्षियों की
Dec 23, 20252 min read


इंडिगो का फ्लाइट संकट क्या है, क्यों है, कब ठीक होगा और जिम्मेदार कौन ?
कैसे शुरू हुई समस्या इस पूरे विवाद की शुरुआत जनवरी 2024 के आसपास हुई है। पायलट यूनियन ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इस याचिका में बताया कि कैसे उन्हें ओवर ड्यूटी करनी पड़ रही है। बढ़ती थकान और लगातार लंबी ड्यूटी, जो सेफ्टी के लिहाज से जोखिमभरी थी। हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद DGCA ने फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) के नए नियम बनाए और इन्हें दो चरणों में लागू किया पहला चरण (1 जुलाई 2025 से लागू): • पायलटों को साप्ताहिक आराम 36 घंटे से बढ़ाकर 48 घंटे देना अनिवार्य
Dec 6, 20253 min read


विश्व मृद्दा दिवस पर विशेष : बिगड़ रही है मिट्टी की सेहत
दिव्ययान कृषि विज्ञान केंद्र, राँची में “स्वस्थ मिट्टी, स्वस्थ शहर” विषय पर मृदा दिवस २०२५ का आयोजन किया गया। डॉ. अजीत कुमार सिंह, वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान, केवीके राँची ने इस वर्ष की थीम के अनुसार मृदा के महत्व पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मृदा की तीन अवस्थाएँ – भौतिक, रासायनिक एवं जैविक – बहुत तेजी से क्षरण का सामना कर रही हैं। मृदा सजीव है और हमें इसे उसी भाव से देखना चाहिए। क्यों बिगड़ रही है मिट्टी की सेहत जलवायु परिवर्तन और मानव गतिविधियों के कारण मि
Dec 5, 20252 min read


हेमंत सरकार के दावे, भाजपा के हमले के बीच का असल सच क्या है ? हेमंत सरकार पास या फेल
Hemant Soren Chief Minister Jharkhand हेमंत सरकार 2.0 को पहले साल को नियुक्ति वर्ष के रूप में मना रही है। विपक्ष हेमंत सरकार को विफल बता रही है। ऐसे में सवाल है कि धरातल पर स्थिति क्या है। हेमंत सरकार के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत 28 नवंबर 2024 को हुई थी। सरकार के दावे, विपक्ष के सवाल के बीच का फर्क क्या है। ऐसे कैन - कौैन से काम और वादे हैं जो अब तक पूरे नहीं हुए ? हेमंत सरकार का दावा झारखंड मुक्ति मोर्चा ने एक ट्वीट किया। इस ट्वीट में सरकार के काम तो गिनाये गए लेकिन भाजपा के
Nov 28, 20253 min read


खनन की चमक में छिपी चतरा की बर्बादी, टूटी सड़कें, जहरीली हवा, घुटती ज़िंदगी..?
आम्रपाली-मगध कोल प्रोजेक्ट लेखक-चतरा से रूपेश कुमार सिंह दिल्ली के प्रदूषण की इन दिनों खूब चर्चा है। झारखंड में सबसे खराब हवा धनबाद की है लेकिन धीरे - धीरे बढ़ रहे खनन क्षेत्र और कोल माइंस का असर राज्य के कई दूसरे शहरों में भी हो रहा है। चतरा जिले के टंडवा में आम्रपाली-मगध कोल प्रोजेक्ट झारखंड की माइनिंग बेल्ट का "इंजन" माना जाता है। इस क्षेत्र में प्रतिदिन हजारों टन कोयला निकाला जाता है। परिवहन के लिए हजारों भारी वाहन दिन-रात दौड़ते हैं। सरकारी खजाने को करोड़ों का योगदान मि
Nov 27, 20252 min read


मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी तेज : झारखंड में भी राजद को झटका संभव, पूर्वी सिंहभूम से इस विधायक का नाम रेस में आगे
रामदास सोरेने की जगह पूर्वी सिंहभूम जिले से कौन विधायक लेगा ? किसे मंत्रिमंडल में जगह मिलेगी ? क्या राजद के इकलौते मंत्री की कुर्सी भी खतरे में है ? इन सवालों के जवाब समय के साथ मिलेंगे लेकिन चर्चा तेज है कि झारखंड में मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी तेज है। मंत्रिमंडल में पोटका विधायक संजीव सरदार का नाम रेस में सबसे आगे है। राजद कोटे से इकलौते मंत्री गोड्डा विधायक संजय प्रसाद यादव को भी मंत्रिमंडल से बाहर किये जाने की चर्चा है। बिहार के बाद अब झारखंड में भी राजद को मिल सकता है
Nov 19, 20252 min read
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