मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी तेज : झारखंड में भी राजद को झटका संभव, पूर्वी सिंहभूम से इस विधायक का नाम रेस में आगे
- Nov 19, 2025
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रामदास सोरेने की जगह पूर्वी सिंहभूम जिले से कौन विधायक लेगा ? किसे मंत्रिमंडल में जगह मिलेगी ? क्या राजद के इकलौते मंत्री की कुर्सी भी खतरे में है ? इन सवालों के जवाब समय के साथ मिलेंगे लेकिन चर्चा तेज है कि झारखंड में मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी तेज है। मंत्रिमंडल में पोटका विधायक संजीव सरदार का नाम रेस में सबसे आगे है। राजद कोटे से इकलौते मंत्री गोड्डा विधायक संजय प्रसाद यादव को भी मंत्रिमंडल से बाहर किये जाने की चर्चा है।
बिहार के बाद अब झारखंड में भी राजद को मिल सकता है झटका
बिहार चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल को हुए नुकसान के बाद अब झारखंड में भी उनके इकलौते मंत्री को मंत्रिमंडल से बाहर निकालने की तैयारी है, बिहार चुनाव में गठबंधन में होने के बावजूद भी जेएमएम को एक सीट भी नहीं मिली। पार्टी के कई नेता इससे नाराज हैं और नाराजगी खुलकर सामने भी आई है।
जेएमएम ने मांगी थी 12 सीटें
झामुमो ने 11 अक्टूबर को प्रेस कॉन्फ्रेस चुनाव के लिए 12 सीट की मांग की थी। पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता भट्टाचार्य ने कहा, ‘हमने कांग्रेस, वामपंथी दलों और बिहार की सबसे बड़ी पार्टियों में से एक राजद जैसे इंडिया गठबंधन के घटक दलों से झामुमो द्वारा मांगी गईं सीट मिलनी चाहिए। जेएमएम को सीट नहीं मिली साथ ही कई मंच से जेएमएम का नाम और पार्टी का निशान भी गठबंधन से गायब रहा।
राजद से टूटा रिश्ता तो सरकार की सेहत पर क्या होगा असर ?
झारखंड विधानसभा में हेमंत सोरेन की पार्टी JMM के पास 34 सीटें हैं। इसके बाद उनके साथ कांग्रेस के 16 विधायक हैं। 81 सीटों वाली झारखंड विधानसभा में बहुमत के लिए 42 सीटें चाहिएं जो कांग्रेस को मिलाकर पूरी हो जाएंगी, जो की 50 सीटें होंगी। इसके अलावा उन्हें लेफ्ट पार्टियों का भी समर्थन हासिल है। ऐसे में हेमंत सोरेन चाहें तो राजद को महागठबंधन से बाहर कर राजद कोटे के मंत्री संजय प्रसाद यादव को आराम से बाहर का रास्ता दिखा सकते हैं।
JMM से किसे मिलेगा पद
घाटशिला चुनाव में सोमेश चन्द्र सोरेन पर जनता ने भरोसा जताया। पूर्वी सिंहभूम जिले से पार्टी एक विधायक को मंत्री पद देने की तैयारी कर रही है। इस रेस में कई विधायक है जिनमें बहरागोड़ा विधायक समीर मोहंती, घाटशिला के सोमेश चन्द्र सोरेन, पोटका से संजीव सरदार के नाम की चर्चा है। पोटका और बहरागोड़ा विधायक के नाम को लेकर अब भी असमंजस की स्थिति है। पूर्वी सिंहभूम जिले में हेमंत कैबिनेट में घाटशिला के विधायक रामदास सोरेन के निधन के बाद यह जगह खाली है। नवनिर्वाचित विधायक सोमेश चन्द्र सोरेन पहली बार विधायक बने हैं। उनके अनुभव की कमी है साथ ही अगर उन्हें मंत्री बनाया जाता है, तो अनुभवी नेताओं में नाराजगी बढ़ सकती है। संजीव सरदार, मंगल कालिंदी, समीर मोहंती दो-दो बार विधायक बन चुके हैं।
बंगाल चुनाव पर भी नजर जेएमएम बिहार में चुनाव नहीं लड़ सकी लेकिन बंगाल में अपनी रणनीति मजबूत करना चाहती है। पार्टी आनेवाले समय में खुद को बंगाल में मजबूत करना चाहती है। पार्टी के अंदर इसे लेकर अभी से रणनीति बन रही है।




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