top of page
All Articles
THE DAILY PULSE


झारखंड की थाली में 229 तरह के साग, आप कितने साग को पहचानते हैं ?
jharkhand-culinary-platter-features-229-varieties-of-leafy-greens-saras-mela-ranchi-saras-mela-at-morabadi-ground-ranchi-kisan-mela-kisan-mela-kanke-birsa-agricultural-fair झारखंड की थाली में मौजूद भोजन में काफी विविधता है। हर मौसम में अलग तरह का पारंपरिक भोजन उपलब्ध है, लेकिन उसे आम लोगों तक लाने के लिए उसकी पहचान और उसके फायदों के बारे में जनता को जागरूक करने की जरूरत है। जिन्हें हम सिर्फ जंगली फूल समझते हैं, उसमें से बहुत सारे साग-सब्जी हैं। पूरे राज्य में 229 तरह के साग म
Mar 174 min read


छिपादोहर के इन इलाकों में घूम रहें हैं हाथी, वन विभाग एक्टिव
संवाददाता राज्य में कई ऐसे इलाके हैं जहां हाथियों का आतंक है। लातेहार जिले के कई ऐसे इलाके हैं जहां हाथियों की वजह से ग्रामीणों में डर बना हुआ है। छिपादोहर वन क्षेत्र के गम्हरिया टोला में शनिवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक जंगली हाथी अपने शावक के साथ बस्ती में आ गया। हाथी को अचानक आबादी वाले क्षेत्र में देख ग्रामीणों में दहशत फैल गई और लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग तुरंत हरकत में आया। प्रभारी वनपाल नवीन कुमार एवं राम कश्यप के नेत
Jan 41 min read


प्रकृति की गोद में बना मड हाउस, सैलानियों को कर रहा है आकर्षित
लातेहार/ छिपादोहर से संतोष की रिपोर्ट मिट्टी का घऱ, चारो तरफ जंगल और शांति। अगर इस साल के अंतिम महीने में आप छुट्टियों के लिए किसी ऐसे जगह की तलाश में है तो लातेहार जिले के बेतला नेशनल पार्क के पास स्थित मड हाउस आपका इंतजार कर रहा है। शहरी भागदौड़ और शोरगुल से दूर अगर कोई जगह मन को गहराई से सुकून देती है, तो वह है जंगलों की शांति। लातेहार जिले के बेतला नेशनल पार्क के पास स्थित मड हाउस इसी शांति का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा है। चारों ओर हरियाली, ऊँचे-ऊँचे पेड़, पक्षियों की
Dec 23, 20252 min read


विश्व मृद्दा दिवस पर विशेष : बिगड़ रही है मिट्टी की सेहत
दिव्ययान कृषि विज्ञान केंद्र, राँची में “स्वस्थ मिट्टी, स्वस्थ शहर” विषय पर मृदा दिवस २०२५ का आयोजन किया गया। डॉ. अजीत कुमार सिंह, वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान, केवीके राँची ने इस वर्ष की थीम के अनुसार मृदा के महत्व पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मृदा की तीन अवस्थाएँ – भौतिक, रासायनिक एवं जैविक – बहुत तेजी से क्षरण का सामना कर रही हैं। मृदा सजीव है और हमें इसे उसी भाव से देखना चाहिए। क्यों बिगड़ रही है मिट्टी की सेहत जलवायु परिवर्तन और मानव गतिविधियों के कारण मि
Dec 5, 20252 min read


ये तीन वर्कआउट सीधा दिमाग पर करते हैं असर, बनती है मस्तिष्क-कोशिकाएँ
Top neuroscientist recommends resistance training, dual-task exercises and leg workouts to naturally stimulate new brain-cell growth and improve cognition.
Nov 6, 20251 min read
bottom of page
