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हेमंत सरकार के दावे, भाजपा के हमले के बीच का असल सच क्या है ? हेमंत सरकार पास या फेल

  • Team BeyondHeadline
  • Nov 28, 2025
  • 3 min read
Hemant Soren Chief Minister Jharkhand
Hemant Soren Chief Minister Jharkhand

हेमंत सरकार 2.0 को पहले साल को नियुक्ति वर्ष के रूप में मना रही है। विपक्ष हेमंत सरकार को विफल बता रही है। ऐसे में सवाल है कि धरातल पर स्थिति क्या है। हेमंत सरकार के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत 28 नवंबर 2024 को हुई थी। सरकार के दावे, विपक्ष के सवाल के बीच का फर्क क्या है। ऐसे कैन - कौैन से काम और वादे हैं जो अब तक पूरे नहीं हुए ?



हेमंत सरकार का दावा झारखंड मुक्ति मोर्चा ने एक ट्वीट किया। इस ट्वीट में सरकार के काम तो गिनाये गए लेकिन भाजपा के सवाल पर सवाल भी खड़े किए गये। इस ट्वीट में लिखा है। झारखंड भाजपा से हमारे कुछ सवाल ? जिस कार्यक्रम को भाजपा “जश्न” बता रही है, वह सरकार के एक साल की उपलब्धियों का सार्वजनिक लेखा-जोखा है,कुछ छिपाने के लिए नहीं, जनता को अपना रिपोर्ट कार्ड देने के लिए है। फिर इसका अपमान क्यों ? भाजपा बताए कि जब उनकी सरकारे सालगिरह मनाती थीं, तब क्या वह “जश्न” नहीं था?


हेमंत सरकार ने एक वर्ष में लगभग सारे चुनावी वादों पर तेज़ी से काम पूरा किया है पर भाजपा यह बताए कि महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा में बहनों के खातों में सम्मान राशि कब से जाएगी? भाजपा सरकार के पाँच साल में नियुक्तियों की फाइलें फ्रीज़, युवाओं का भविष्य कुचल दिया गया। पकौड़ा बेचो, केला बेचो,क्या यही इनका रोजगार मॉडल है ? हमारी सरकार कल 8,000+ सरकारी नौकरियां देने जा रही है,इतनी भर्तियाँ भाजपा के पाँच साल में नहीं हुईं।आख़िर क्यों उन्होंने 13-11 कर हम सबको उलझाया ? भाजपा बताए—उनके शासन में झारखंड टॉप-5 क्राइम स्टेट में क्यों था? आज हमने झारखंड को सुरक्षित राज्यों की श्रेणी में खड़ा किया है, तभी तो भाजपा राज में 5 चरण में होता विधान सभा चुनाव अब सिर्फ 2 चरण में, वह भी बिना किसी बड़ी घटना के कैसे संपन्न हुआ ? हेमंत सरकार ने भ्रष्टाचार पर नकेल कसते हुए एक साल में 100+ कड़ी कार्रवाई की।  सभी मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की मासिक समीक्षा, सभी विभागों की आउटकम-बेस्ड रिपोर्टिंग अनिवार्य, भ्रष्टाचार पर शून्य सहनशीलता—कई अधिकारी निलंबित और कई बर्खास्त 

Pratul Sahdeo BJP Spokesperson
Pratul Sahdeo BJP Spokesperson

भाजपा ने कहा हेमंत सरकार का फ्लॉप शो भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कहा हेमंत पार्ट 2 का पहला वर्ष फ्लॉप शो रहा है। खोखली घोषणाएं ,शून्य काम और बेपटरी हो गई व्यवस्था ही उनकी 1 वर्ष की उपलब्धि है। रोजगार, महिला सुरक्षा, विधि व्यवस्था के मामले पर सरकार पूरे तरीके से फेल रही है। हेमंत सरकार के पार्ट वन की नियुक्तियां अभी पार्ट टू में मिल रही है। छह साल के कार्यकाल में 8 हजार रेप केस, फिरौती, अपहरण तो मामूली बात है। किसानों को एमएसपी नहीं मिल रही है। 20 लाख महिलाओं का नाम मईंया सम्मान में काट दिया गया।



हालात क्या हैं हेमंत सरकार कितनी पास, कितनी फेल सरकार पहले साल अब तक करीब 5000 युवाओं को नौकरियां दे चुकी हैं। 9000 से ज्यादा युवाओं को नियुक्ति पत्र मोरहाबादी में सौंपेने की तैयारी है । कई प्रतियोगी परीक्षाएं अब तक नहीं हुई है, उस पर सरकार को दृढ़ता से आगे बढ़ना चाहिए। जिससे ज्यादा से ज्यादा युवाओं को नौकरी मिल सके। कई काम और योजनाएं अब तक जस की तस हैं।


निकाय चुनाव : राज्य में निकाय चुनाव नहीं हो पाया है। सरकार बनने के बाद इसे जल्द कराने का वादा किया गया था।

पेसा नियमावली :  पेसा ​कानून लागू नहीं हो सका है। हाईकोर्ट बार-बार नियमावली लागू करने का निर्देश दे रहा है। सरकार प्रयास भी कर रही है लेकिन देरी की वजह से हाईकोर्ट ने बालू घाटों के आवंटन पर रोक लगा रखी है।

सूचना-मानवाधिकार आयोग : राज्य सूचना आयोग में मई 2020 से मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त के पद खाली हैं। मानवाधिकार आयोग भी अस्तित्व में नहीं है।

अनु​सूचित जाति आयोग: सरकार ने बजट में अनुसूचित जाति परामर्शदात्री परिषद और अनु​सूचित जाति आयोग बनाने की घोषणा की थी। टीएसी की तर्ज पर वर्ष 2008 में अनुसूचित जाति परामर्श परिषद की नियमावली बनी थी। बजट में घोषित अनुसूचित जनजाति आयोग का भी गठन नहीं हुआ

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