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खाली पदों पर कब होगी भर्ती ? झारखंड सरकार पर हाईकोर्ट सख्त

  • Mar 23
  • 2 min read
Jharkhand HIGH Court
Jharkhand HIGH Court

रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को चार साल से लंबित नियुक्तियों को लेकर कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने साफ कहा कि संवैधानिक संस्थाओं को इतने लंबे समय तक खाली रखना किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है और यह व्यवस्था पर गंभीर असर डालता है।


जनहित याचिका (PIL) की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश एम.एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि सभी खाली पदों को जल्द से जल्द भरा जाए, ताकि संस्थाएं सही तरीके से काम कर सकें।अदालत ने यह भी कहा कि ये संस्थाएं लोकतांत्रिक व्यवस्था की रीढ़ हैं और इनके प्रमुख पदों पर लंबे समय तक नियुक्ति न होना उनके कामकाज को बुरी तरह प्रभावित करता है।



खाली पड़े प्रमुख पद

लोकायुक्त: यह पद 2021 से खाली है।

मानवाधिकार आयोग: मानवाधिकार आयोग के चेयरमैन का पद रिक्त है।

राज्य सूचना आयोग: मुख्य सूचना आयुक्त और सूचना आयुक्त के पद 2020 से खाली हैं।

महिला आयोग: महिला आयोग के भी कई पद खाली हैं।


पहले भी दे चुकी है निर्देश

हाईकोर्ट ने कहा कि यह पहला मामला नहीं है, जब सरकार को इस मुद्दे पर टोकना पड़ा हो। इससे पहले भी अदालत ने नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने और समयसीमा तय करने के निर्देश दिए थे। इतना ही नहीं, कोर्ट ने सरकार से यह भी पूछा था कि आखिर चयन प्रक्रिया में देरी क्यों हो रही है और जरूरी होने पर अंतरिम व्यवस्था करने की सलाह भी दी थी, ताकि संस्थाएं ठप न रहें।


अब कड़ा रुख

बार-बार निर्देशों के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं होने पर अदालत ने इस बार सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि अब भी नियुक्तियों में देरी होती है, तो सख्त न्यायिक कार्रवाई की जा सकती है

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