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एनयूएसआरएल, रांची में पाँच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का समापन, मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष जोर

  • Team BeyondHeadline
  • 3 days ago
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एनयूएसआरएल की टीम
एनयूएसआरएल की टीम

रांची: नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ (एनयूएसआरएल), रांची के इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल (IQAC) द्वारा “स्वास्थ्य एवं कल्याण” विषय पर आयोजित पाँच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का आज समापन हो गया। एफडीपी का आयोजन 27 से 31 जनवरी 2026 तक विश्वविद्यालय परिसर में सफलतापूर्वक किया गया।


यह कार्यक्रम आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन एवं झारखंड राज्य फैकल्टी डेवलपमेंट एजेंसी (JSFDA) के सहयोग से आयोजित किया गया, था। जिसका उद्देश्य शिक्षकों एवं कर्मचारियों के मानसिक, भावनात्मक एवं शारीरिक कल्याण को बढ़ावा देना तथा कार्य-जीवन संतुलन को सुदृढ़ करना था। पाँच दिनों तक चले इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों को योग, नियंत्रित श्वास-प्रश्वास अभ्यास, सुदर्शन क्रिया, ध्यान, हल्के शारीरिक व्यायाम एवं समूह चर्चाओं के माध्यम से समग्र प्रशिक्षण प्रदान किया गया। पांच दिन तक चले इस सत्र में खुशी, जिम्मेदारी, आत्म-जागरूकता, आत्मविश्वास तथा जीवन के उद्देश्य जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई। इन सत्रों का संचालन आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के कार्यक्रम निदेशक डॉ. श्री राजीव नाम्बियार ने योगा ट्रेनर रिया तयाल के साथ किया। समूह गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को झिझक दूर करने, सकारात्मक सोच विकसित करने एवं आपसी संवाद को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया गया।


अंतिम दिन कार्यक्रम का समापन योग एवं सुदर्शन क्रिया के साथ- साथ पांच दिनों तक इस सत्र में उनके अनुभवों पर चर्चा के साथ संपन्न हुआ। सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र दिया गया। समापन सत्र में माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) अशोक आर. पाटिल, डॉ. श्री राजीव नाम्बियार, सुश्री रिया, तथा जेएसएफडीए के समन्वयक श्री विशाल एवं श्री रमेश सिंह उपस्थित रहे। अपने संबोधन में कुलपति ने कहा कि योग और ध्यान से ऊर्जा, प्रेरणा और मानसिक स्पष्टता प्राप्त होती है, जो व्यक्तिगत विकास के साथ-साथ स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण के लिए भी आवश्यक है। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए जेएसएफडीए एवं आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन की सराहना की। यह पाँच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम सकारात्मक अनुभवों और व्यावहारिक जीवन कौशल के साथ संपन्न हुआ, जिससे प्रतिभागियों को तनाव प्रबंधन, आत्म-चिंतन और समग्र कल्याण के प्रभावी उपाय प्राप्त हुए।

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