झारखंड में पेसा लागू हो गया। पेसा कानून वर्ष 1996 में बना था, लेकिन झारखंड में इसके नियम 28 साल तक नहीं बनाए गए। बिना नियमों के कानून सिर्फ कागजों में था। लगातार जनहित याचिकाओं और सामाजिक संगठनों के दबाव के बाद झारखंड हाईकोर्ट ने सरकार को फटकार लगाई और तय समय में नियम लागू करने का आदेश दिया। सवाल है कि क्या इस 28 साल के इंतजार के बाद भी इसे सही तरीके से लागू किया जा सका ? सवाल क्या हैं पेसा कानून के लागू होने से क्या ग्रामसभा को वो सारे अधिकार मिले जिसकी मांग की जा रही थी। यह