कैसे शुरू हुई समस्या इस पूरे विवाद की शुरुआत जनवरी 2024 के आसपास हुई है। पायलट यूनियन ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इस याचिका में बताया कि कैसे उन्हें ओवर ड्यूटी करनी पड़ रही है। बढ़ती थकान और लगातार लंबी ड्यूटी, जो सेफ्टी के लिहाज से जोखिमभरी थी। हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद DGCA ने फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) के नए नियम बनाए और इन्हें दो चरणों में लागू किया पहला चरण (1 जुलाई 2025 से लागू): • पायलटों को साप्ताहिक आराम 36 घंटे से बढ़ाकर 48 घंटे देना अनिवार्य