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एनयूएसआरएल के वीसी बोले ,तंबाकू की लत देश के भविष्य से जुड़ी गंभीर सामाजिक चुनौती

30 minutes ago
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नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्ट्डी एंड रिसर्च इन लॉ (NUSRL), रांची एवं सोसियो इकोनॉमिक एंड एजुकेशनल डेवलपमेंट सोसाइटी (सीड्स) के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को NUSRL परिसर में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP), कोटपा-2003 एवं झारखंड कोटपा संशोधन अधिनियम, 2021 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं प्रवर्तन विषय पर राज्यस्तरीय बहु-हितधारक उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें विभिन्न सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों, विधि विशेषज्ञों, जनस्वास्थ्य विशेषज्ञों एवं नागरिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यशाला में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. अविनाश सुंथलिया ने कहा कि बच्चों एवं युवाओं को तंबाकू और निकोटीन की लत से बचाना राष्ट्रीय प्राथमिकता है। उन्होंने राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम, तंबाकू मुक्त युवा अभियान तथा तंबाकू नियंत्रण कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। NUSRL कुलपति प्रो. (डॉ.) अशोक आर. पाटिल ने कहा कि तंबाकू एवं निकोटीन की लत केवल स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या नहीं, बल्कि देश के भविष्य को प्रभावित करने वाली गंभीर सामाजिक चुनौती है। इससे निपटने के लिए संस्थागत जिम्मेदारी और समाज के सभी वर्गों के सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। राज्य स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव सह अतिरिक्त खाद्य सुरक्षा आयुक्त अनुज कुमार प्रसाद ने कहा कि तंबाकू मुक्त पीढ़ी के निर्माण के लिए मजबूत कानूनों के साथ उनका सख्ती से अनुपालन, संस्थागत प्रतिबद्धता और युवाओं की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने विशेष रूप से नाबालिगों को तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध, शिक्षण संस्थानों के आसपास तंबाकू बिक्री संबंधी प्रावधानों के अनुपालन तथा तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान दिशानिर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया। सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता श्री रंजीत सिंह ने कोटपा-2003 एवं झारखंड कोटपा संशोधन अधिनियम, 2021 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि कानूनों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने में सभी सम्बंधित विभागों, शिक्षण संस्थानों एवं प्रवर्तन एजेंसियों की साझा जिम्मेदारी है। वाइटल स्ट्रैटेजीज के उप निदेशक डॉ. अमित यादव ने तंबाकू एवं निकोटीन के नए उत्पादों से किशोरों के लिए उत्पन्न खतरों पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रभावी नियमन और व्यापक जनजागरूकता की आवश्यकता बताई। कार्यशाला के दौरान आयोजित परिचर्चा में स्वास्थ्य, पुलिस, शिक्षा, नगर विकास, पंचायती राज, खाद्य सुरक्षा एवं अन्य विभागों के प्रतिनिधियों ने तंबाकू नियंत्रण कानूनों के सख्त अनुपालन, शिक्षण संस्थानों को तंबाकू मुक्त बनाने, विभागीय समन्वय और जिला स्तर पर प्रवर्तन की चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया। कार्यशाला में झारखंड को तंबाकू मुक्त बनाने की दिशा में मजबूत संस्थागत व्यवस्था, विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय, नियमित निगरानी और व्यापक जनजागरूकता पर विशेष जोर दिया गया। कार्यशाला में राज्य के विभिन्न जिलों से स्वास्थ्य, शिक्षा, खाद्य सुरक्षा और पुलिस विभाग के नोडल पदाधिकारियों सहित अलायन्स ऑफ़ टोबैको फ्री झारखण्ड के सदस्यों ने हिस्सा लिया।

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